{"product_id":"धूमावती-महाविद्या","title":"धूमावती-महाविद्या","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eपरकृत मारंण-विद्वेषण आदि अभिचारकर्म, आर्थिक संकट, घोर दरिद्रता, राज्य-व्यापार आदि का नाश, घोर संकट, शत्रुओं से मृत्युभय, कुण्डली के के अनुसार मारकेश की स्थिति, कलहपूर्ण वातावरण, विरोधियों के षडयन्त्र, प्राणघातक रोग, कर्ज-मुक्ति, धन-भूमि आदि का शत्रुओं द्वारा हड़प लिये जाने की स्थिति इत्यादि विभिन्न दुरवस्थाओं में धूमावती-महाविद्या की उपासना विशेष फलदायी होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eसर्वविध अनिष्ट से मुक्ति होने पर ही सौभाग्य का आगमन होता है। अतः अलक्ष्मी (धूमावती) की उपासना से दरिद्रता-निवारण के उपरान्त लक्ष्मी की उपासना करने का तान्त्रिक विधान शास्त्र-सम्मत एवं तर्कपूर्ण है।\u003c\/p\u003e","brand":"Ramanand Shukla","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50252536184970,"sku":"9788168721265","price":1592.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/ba2763.jpg?v=1789972390","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/en-us\/products\/%e0%a4%a7%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}