{"product_id":"हमारे-शरीर-के-शक्ति-प्रवाह","title":"हमारे शरीर के शक्ति प्रवाह","description":"\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eएक्युपंक्चर और एक्युप्रेशर औषधिरहित\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e,\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eसरल\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e,\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eसुरक्षित एवं सस्ती चिकित्सा पद्धतियां हैं जो विभिन्न प्रकार के सामान्य तथा जटिल रोगों एवं विकारों में अत्यधिक प्रभावी हैं। ये चिकित्सा पद्धतियाँ अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ उपयोग में लाई जा सकती हैं और इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eप्रस्तुत पुस्तक में एक्युपंक्चर को समझाने का प्रयास किया गया है और यिन यांग सिद्धांत और उसके प्रभावों का अध्ययन किया गया है\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e,\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eजोकि एक्युपंक्चर का आधार है। इसमें व्याधियों के कारणों और शरीर के अंगों के कार्यों का परीक्षण किया गया है तथा\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e14\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eचैनलों में पाए जाने वाले एक्युपंक्चर बिन्दुओं की प्रकृति और शरीर के विविध विकारों को दूर करने के लिए इन बिन्दुओं को क्रियाशील करने के उपायों के बारे में बताया गया है। इस संस्करण में शरीर के विभिन्न अंगों एक्युपंक्चर बिन्दुओं के वर्णन के साथ साथ\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e,\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eविशेष ऊतकों का इलाज करने के लिए एक्युपंक्चर बिन्दुओं का विवेचन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eइस पुस्तक में एक्युप्रेशर तथा कुण्डलिनी ऊर्जा के सम्बन्ध पर भी चर्चा की गई है तथा एक्युपंक्चर चिकित्सकों के लिए महत्तवपूर्ण निर्देश दिए गए हैं जो बिन्दुओं पर सही तरीके से दबाव देने के बारे में जानकारी देते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eनिश्चित रूप से यह पुस्तक चिकित्सा विज्ञान के विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए तो उपयोगी सिद्ध होगी ही\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e,\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eसाथ ही साथ उन लोगों के लिए भी जो कि वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में रुचि रखते हों।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eडॉ\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"EN-US\"\u003e.\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eरमा वेंकटरमन ने पर्यावरण सामाजिक शास्त्र में डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की है और वे एक्युपंक्चर की प्रतिष्ठित प्रशिक्षिका हैं। इनके द्वारा एक्युपंक्कचर पर कई पुस्तकें सरल भाषा में लिखी गईं हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"MsoNormal\" style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan lang=\"HI\"\u003eइन्होंने ड्रॉमेटिक वर्जन ऑफ द सेवन मेज़र उपनिषदस् पुस्तक का सृजन किया है जिसमें मुख्य उपनिषदों को नाटक रूप देकर जनमानस को सरल भाषा में इन्हें समझने का अवसर दिया है। इसके अलावा इन्होंने लद्दाख हिमालयन ट्रेज़र नामक पुस्तक भी लिखी है जिसमें पर्यटन से सम्बन्धित सामाजिक सांस्कृतिक पहलुओं को उजागर किया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Dr.Venkataraman Rama","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49551543992458,"sku":"9788182650206","price":240.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/IMG_20260625_0001.jpg?v=1782389753","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/en-us\/products\/%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}