{"product_id":"buddh-ki-shiksha","title":"Buddh Ki Shiksha","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eयह पुस्तक बुद्ध की शिक्षा, तीन छोटी पुस्तकों को मिलाकर प्रस्तुत की गई है। ये पुस्तके छोटी जरूर दिखाई पड़ती है परन्तु अपने समय के प्रसिद्ध व्यक्तियों ने आम लोगों को बौद्ध धर्म से सम्बन्धित प्राथमिक सवं आवश्यक जानकारी देने हेतु लिखी थी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eप्रथम पुस्तक अनागरिक धर्मपाल ने 1932 में 'व्हाट डिड द लार्ड बद्धा टीच' नाम से लिखी थी।\u003cbr\u003eइन्हीं अनागरिक धर्म पाल का जन्म 17 सितम्बर 1864 को श्रीलंका के कोलम्बों में हुआ था, उनका बचपन का नाम डेनडेविड था। वे पढ़ने लिखने में प्रखर बुद्धि थे। प्रारम्भ में उन्होंने कई सर्विस की, परन्तु वे उनको आकृष्ट न कर सकी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eअनागरिक धर्मपाल ने भारत में बौद्ध धर्म की शोचनीय स्थिति को सुन रखा था। वे इस बात से बहुत ही दुखी थे कि जिस देश में बुद्ध ने जन्म लिया, बुद्धत्व प्राप्त किया और उपदेश दिया, उन स्थानों की दशा बुरी है। इन स्थानों का उद्धार करने हेतु और भारत में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान हेतु 2 जनवरी 1891 को वे भारत आये महाबोधि सोसाइटी की स्थापना की और जीवन पर्यन्त बौद्ध धर्म के पुनः उद्धार के लिए कार्य करते।\u003cbr\u003eआज भारत में जो बौद्ध धर्म है उसको लाने का श्रेय अनागरिक धर्मपाल और डा. अम्बेडकर को ही जाता है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eइन्हीं अनागरिक धर्मपाल ने प्रस्तुत पुस्तक लिखी थी, और उन्होंने 18 जुलाई 1931 भिक्षुरूप में उपसम्पदा ग्रहण की थी और उनका नाम देवमित्र धर्मपाल रखा गया था जो इस पुस्तक के मुखपृष्ठ पर लिखा है हालांकि वे अनागरिक धर्मपाल के नाम से ही प्रसिद्ध रहे। उनका निर्वाण 19-अप्रैल 1933 को हुआ उनके अन्तिम शब्द थे \"मेरा पुनर्जन्म हो तो मैं भगवान बुद्ध के धर्म प्रसार के लिए पच्चीसों बार भी जन्म लेना पसन्द करूँगा।\"\u003cbr\u003eपुस्तक की उपयोगिता के विषय में राहुल सांकृत्यायन ने 1932 में, भदन्त आनन्द कौशल्यायन ने 1999 तथा भिक्षु धर्मराक्षित ने 1948 में अपनी टिप्पणियों से अवगत कराया है जो पुस्तक में दी गई है\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"anagarik dharmpal","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48751460647050,"sku":"9788187733713","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/IMG_20260429_0005.jpg?v=1777448007","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/en-us\/products\/buddh-ki-shiksha","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}