द्वादशभावसिन्धु: एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिष ग्रंथ है जो वैदिक ज्योतिष के बारह भावों (houses) का गहन और विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करता है। पं. श्यामलाल द्वारा रचित यह ग्रंथ संस्कृत मूल पाठ के साथ सरल हिंदी अनुवाद में उपलब्ध है, जिससे यह विद्वानों एवं जिज्ञासु पाठकों दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है।
इस ग्रंथ में लग्न से लेकर द्वादश भाव तक प्रत्येक भाव के फलादेश, ग्रह-स्थिति के प्रभाव, और जातक के जीवन पर उनके परिणामों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। ज्योतिष के गंभीर अध्येताओं के लिए यह एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है।
मुख्य विशेषताएँ
- संस्कृत मूल पाठ सहित हिंदी अनुवाद
- बारह भावों का विस्तृत फलादेश
- वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों पर आधारित
- 452 पृष्ठों में संपूर्ण विवेचन
- पेपरबैक संस्करण