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भवभूति के नाटकों का समाजशास्त्रीय अध्ययन

भवभूति के नाटकों का समाजशास्त्रीय अध्ययन

Publisher: Desh Bharti Prakashan
Language: sanskrit & Hindi
Total Pages: 305
Available in: Hardbound
Regular price Rs. 850.00
Unit price per
Tax included.

Description

संस्कृत साहित्य के ख्यातनाम "एको रसः करुण एव" से प्रसिद्ध महाकवि भवभूति के नाटकों का समाजशास्त्रीय चिन्तन विषयात्मक यह ग्रन्थ वर्तमानकालीन समाजशास्त्र विषय के मूल बीज को भवभूति के नाटकों में प्रतिस्थापित करता है तथा आधुनिक समाजशास्त्र के मुख्य बिन्दुओं की विवेत्त्य नाटको के विषय में समीक्षा प्रदान करता है, जो नवीन दृष्टिपरक एवं शोधविषय विस्तारक है। 

षष्ठ अध्यायों में विभाजित इस ग्रन्थ में डॉ. कोमल ने आलोच्य नाटकों का परिचय, भवभूति के नाटकों में सर्वेक्षण और पद्धति, विवेच्य नाटकों में श्रेष्ठ समाज के मूल तत्त्व, नाटकों में वर्णित वर्णाश्रम व्यवस्था का विवेचन तथा आधुनिक सामाजिक समस्याओं का महाकवि भवभूति के नाटकों में समाधान प्रस्तुत कर उल्लेखनीय कार्य किया है, अतः डॉ. कोमल साधुवाद की पात्र है। यह उनका पीएच.डी. उपाधि का महनीय शोध प्रबन्ध पाठकों के समक्ष पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित है।