योग शिक्षा में पी जी डिप्लोमा / स्नातक/ परास्नातक जैसी कक्षाओं के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर लिखी गयी इस पुस्तक में योग के प्रायोगिक स्वरूप एवं अभ्यासों का सरल प्रस्तुतीकरण है। यह प्रयास है कि भाषा तो सरल हो, किन्तु विषय की आत्मिक सुन्दरता यथावत् रहे। प्रस्तुत पुस्तक में अनेक महत्त्वपूर्ण योगाभ्यासों यथा- सूर्य नमस्कार, षट्कर्म, आसन, प्राणायाम, बन्ध, मुद्रा, मन्त्र एवं ध्यान को सरल एवं रुचिकर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक योग के विद्यार्थियों के साथ ही योगानुरागी साधकों, शिक्षाविदों एवं जनसामान्य हेतु भी उतनी ही उपयोगी है। आशा है आप सभी योगानुरागी साधक यथापेक्षा लाभान्वित होंगे।