Description
सन् 1943 में ‘कुशीनगर का संक्षिप्त इतिहास’ प्रकाशित हुआ था। प्रस्तुत ग्रंथ उसी का विस्तृत और संशोधित रूप है; यद्यपि यह पूर्व ग्रंथ का परिवर्द्धन है, फिर भी इसे लगभग पूर्णतः नवीन और मौलिक रूप में पुनः लिखा गया है। यद्यपि यह भी कुशीनगर का संक्षिप्त इतिहास ही है, फिर भी पूर्व प्रकाशित ग्रंथ के साथ भ्रम न हो, इसलिए इसके नाम में परिवर्तन कर दिया गया है।
इस ग्रंथ के लेखन कार्य में मेरे प्रिय शिष्य श्री जीवश्चन्द्र राय से अत्यंत सहायता प्राप्त हुई है। यद्यपि अपने शिष्य को धन्यवाद देना कुछ असहज प्रतीत होता है, फिर भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। इसी प्रकार श्री श्यामानन्दजी वर्मा, मुड़ेरा रतनपट्टो, के प्रति भी हम गहन आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से कुशीनगर के इतिहास-लेखन की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित किया। वर्माजी से हमें अनेक विषयों पर मूल्यवान परामर्श भी प्राप्त हुआ।
आशा है कि यह ग्रंथ इतिहास-प्रेमियों को संतोष और प्रसन्नता प्रदान करेगा।