{"product_id":"नाटकीय-पारिभाषिक-शब्दावली-dramatic-terminology-2018-edition","title":"नाटकीय पारिभाषिक शब्दावली- Dramatic Terminology (2018 Edition)","description":"\u003cp style=\"text-align: center;\"\u003e\u003cstrong\u003eपुस्तक परिचय\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003e'काव्येषु नाटकं रम्यम्' कहकर साहित्यकारों ने नाटक के महत्त्व को रेखांकित करते हुए उसे समस्त काव्य जगत् का सिरमौर स्वीकारा है । संस्कृत नाटकों के पठन-पाठन के दौरान कई ऐसे शब्द आते हैं, जिनका एक विशेष अर्थ होता है तथा वे नाटक के अभिन्न भाग भी होते हैं । प्रकृत पुस्तक में उन विभिन्न नाटकीय शब्दों को संकलित करते हुए नाट्यशास्त्र, दशरूपक व साहित्यदर्पण आदि साहित्यशास्त्रीय ग्रंथों तथा बलदेव उपाध्याय, उमाशंकर शर्मा 'ऋषि', पी.वी. काणे आदि के विचारों के आधार पर परिभाषित किया गया है ।                                            \u003cbr\u003eआचार्य भरत द्वारा लिखा गया 'नाट्यशास्त्र' एक अथाह व अनंत ज्ञानराशि है, जिसे स्नातक स्तर पर छात्रों को पढ़ना असंभव है । अतः संस्कृत नाटकों में रुचि रखने वाले छात्रों तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के संस्कृत - पाठयक्रम में लगे हुए नाटकों के अध्ययन एवं अध्यापनार्थ यह पुस्तक नाट्यशास्त्र प्रवेशिका के रूप में सहायक सिद्ध\u003cbr\u003eहोगी ।\u003c\/p\u003e","brand":"Dr. Vikas Singh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46588877340810,"sku":null,"price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/nzw192.png?v=1754887737","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/products\/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%80-dramatic-terminology-2018-edition","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}