{"product_id":"बुद्धधम्मपरियायो","title":"बुद्धधम्मपरियायो - Buddhadhammapariyayo","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eइस ग्रन्थ में आदि से अन्त तक ग्रन्थकार ने ७५ अध्यायों और २९९ पृष्ठों में बोधिसत्व भगवान् बुद्ध के आविर्भाव से लेकर कुसिनारा में उनके परिनिर्वाण तक की प्रमुख घटनाओं का प्रामाणिक प्रतिपादन किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eभगवान् बुद्ध के परिनिर्वाण के अनन्तर बुद्धवचनों के प्रामाणिक संरक्षण के लिए आयोजित की गई संगीतियों का भी विद्वान् लेखक ने निरूपण किया है। केवल भारतवर्ष में हुई संगीतियों का ही नहीं, विदेशों में श्रीलंका और ब्रह्मदेश में हुई संगीतियों का भी उल्लेख किया है। इसके अतिरिक्त इस पुस्तक में त्रिपिटक के प्रमुख निकायों एवं ग्रन्थों का संक्षिप्त परिचय पालि भाषा में प्रस्तुत किया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eप्रो० हरि शंकर शुक्ल का जन्म ५ जनवरी, १९५० को ग्राम बलमा, जिला - भोजपुर (आरा), बिहार के पढ़े-लिखे संभ्रात परिवार में हुआ। वे एच.डी. जैन महाविद्यालय, आरा से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के पश्चात उच्चतर शिक्षा के लिए नालन्दा चले गये, जहाँ से भिक्षु जे. काश्यप के निर्देशन में स्नातकोत्तर किया। प्रो० नाथमल तातिया के अधिवीक्षण में उन्हें वहीं से वर्ष १९७७ में पीएच.डी. डिग्री की उपाधि मिली।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eवर्ष १९७९ में उन्हें बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में पालि का व्याख्याता नियुक्त किया गया और वहीं से वे २०१५ में प्रोफेसर के रूप में सेवानिवृत हुए। अनेकों राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी उनके निर्देशन में पीएच. डी. कर चुके हैं। उनकी आठ से अधिक पुस्तकें एवं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं\u003c\/p\u003e","brand":"Hari Shankar Shukla","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48231210123402,"sku":"9788120844377","price":590.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/BuddhaDharmaPariyayoCOVERCURVE.jpg?v=1776678448","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/products\/%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a7%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}