{"product_id":"मत्स्यपुराण","title":"मत्स्यपुराण","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eअष्टादश पुराणों में मत्स्यपुराण अपनी अर्थवत्ता, विषय प्रतिपादन एवं अद्यावधि प्रासंगिक जौवन व जगत से सम्बद्ध विचारों के कारण अन्यतम स्थान रखता है। प्रस्तुत ग्रन्थ में ग्रन्थकार ने मत्स्यपुराण में प्रतिपादित महत्वपूर्ण राजनीतिक सन्दर्भों पर विचार करते हुए वर्तमान वैश्विक एवं राष्ट्रीय संदर्भों में उनकी प्रासंगिकता एवं भविष्योन्मुखता पर संदर्भ-पुरस्सर विवेचन प्रस्तुत किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eवर्तमान ग्रन्थ में कौटिल्यादि प्रदर्शित उपाय, चतुष्ट्य एवं पुराणकार प्रतिपादित सप्त उपायों का विवेचन अत्यंत सारगर्भित व अर्थवान है।\u003c\/p\u003e","brand":"MOHANLAL MEGHWAL","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50086942933130,"sku":"9789385144851","price":995.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/mzc951.webp?v=1787638701","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/products\/%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a3","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}