{"product_id":"सरल-संस्कृत-व्याकरण","title":"सरल संस्कृत व्याकरण","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003e\u003cspan\u003eसंस्कृत विश्व की प्राचीनतम समृद्ध एवं विकसित भाषा है। भारतीय एवं पाश्चात्य विद्वानों ने इसे वैज्ञानिकी और दोषरहित भाषा के रूप में मुक्तकण्ठ से स्वीकार किया है और वैदिक संस्कृत में निबद्ध वेद संसार के समस्त ग्रन्थों में प्राचीनतम माने जाते हैं। वस्तुतः ऋग्वेद ही विश्व के पुस्तकालय का प्रथम उपलब्ध ग्रन्थ-रत्न है। जिस प्रकार संस्कृत वाङ्मय में वेद का सर्वोत्कृष्ट स्थान है, उसी प्रकार वेद के शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द और ज्योतिष - इन षड् अङ्गों में व्याकरण का स्थान सर्वोत्कृष्ट है और व्याकरण को वेद-पुरुष का मुख कहा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Babulal Meena","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50087341949066,"sku":"9789381953921","price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/ubj771.webp?v=1787652854","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/products\/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}