{"product_id":"595","title":"कुछ बातें कुछ मुलाकाते","description":"\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eभारत के साहित्यिक परिवेश में अपनी शोध-दृष्टि एवं रचनाधर्मिता को लेकर सक्रिय साहित्यकारों में डॉ. जयशंकर शुक्ल एक चर्चित नाम है। वांग्मय की विधाओं में अपने कथन को लेकर सर्जना के विविध आयाम सृजित करने वाले लेखकों की सूची में डॉ. जयशंकर शुक्ल का नाम उसका आवश्यक अंग है। साक्षात्कार विधा को विशेषकर नवगीत के संदर्भ में आगे बढ़ाने वाले रचनाकारों में डॉ. जयशंकर शुक्ल का नाम महत्त्वपूर्ण है। वे न केवल साक्षात्कार विधा के विशिष्ट हस्ताक्षर हैं अपितु वे एक मंझे हुए नवगीतकार भी हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp style=\"text-align: left;\"\u003eमें ग्यारह नवगीतकारों के साक्षात्कार उनके परिचय सहित समाहित हैं। प्रस्तुत पुस्तक में साक्षात्कार दाताओं का क्रम उनके आयु के हिसाब से रखा गया है। यहाँ पर रचनाकार अपनी बातों को लेकर नवगीत विधा के टेक्स्ट एवं क्राफ्ट (कथ्य एवं रूप) पर केन्द्रित रहे हैं। उदाहरण एवं दृष्टांत जैसे अनावश्यक विस्तार से बचते हुए वार्ताकार ने तथ्य केन्द्रित एवं रचनाधर्मिता को इंगित करने वाले विचारों को तरजीह दी है। डॉ. जयशंकर शुक्ल ने समग्रता को प्रमुख स्थान दिया है। उन्होंने व्यक्तिपरक मान्यताओं को नकारा है।\u003c\/p\u003e","brand":"JayShankar Shukla","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49426331140234,"sku":"9788194969204","price":595.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0592\/8583\/1818\/files\/IMG_20260515_0003.jpg?v=1778823094","url":"https:\/\/www.motilalbanarsidass.com\/products\/595","provider":"Motilal Banarsidass","version":"1.0","type":"link"}