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महाकवि भवभूति - Mahakavi Bhavabhuti

महाकवि भवभूति - Mahakavi Bhavabhuti

Publisher: Parimal Publication Pvt. Ltd.
Language: Sanskrit Text with Hindi Translation
Total Pages: 386
Available in: Hardcover
Regular price Rs. 550.00
Unit price per
Tax included.

Description

संस्कृत वाड्मय सकल भारतवर्ष की ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व की अमूल्य निधि है। वेद, उपनिषद्, ऋषि एवं प्राचीन महापुरुषों के उपदेशों की, भारतीय धर्म-संस्कृति एवं दर्शनों की यह भाषा संस्कृत विश्व की समस्त भाषाओं में सर्वप्राचीन, वैज्ञानिक एवं संस्कारित है। इसीलिए यह समस्त भाषाओं की जननीस्वरूपा
है। संस्कृत साहित्य की सुदीर्घ कवि परम्परा में वाल्मीकि, वेद्व्यास, कालिदास, बाणभट्ट आदि के पश्चात् महाकवि भवभूति ही उच्च कोटि के नाटककार और कवि हैं और महाकवि कालिदास के बाद महाकवि भवभूति का नाम ही उत्कृष्ट नाटककार के रूप में लिया जाता है। 

महाकवि भवभूति के विभिन्न विचारों से सम्बद्ध महाकवि भवभूतिः विचार और विश्लेषण समकक्ष विद्वानों के द्वारा समीक्षित (A Peer-reviewed Book) पुस्तक है और निश्चय ही यह भारतीय मेधा की परिचायक है। इस पुस्तक में 7 अध्यायों में 44 शोध आलेख हैं। यद्यपि ये सभी स्वतन्त्र अध्यायों के तुल्य हैं तथापि इनकी विषयवस्तु की समानता और अध्ययन सौकर्य के आधार पर आलेख सामग्री को महाकवि भवभूति के रूपकों में समाज चित्रण आदि सात अध्यायों में बाँटा गया है, जिनमें महाकवि भवभूति के साहित्य में वर्णित और सम्बद्ध जीवन-मूल्य, प्रेम तत्त्व, राष्ट्रीय एकता, नारी चेतना, जीवन-दर्शन, अतिप्राकृत तत्त्व आदि विषयों एवं अनेक तथ्यों को विभिन्न शोध आलेखों के माध्यम से सरलतापूर्वक संस्कृत पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। 

हमें आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक विद्वत्समाज में अत्यधिक समादृत होगी और संरकृत-प्रेमियों, जिज्ञासुओं, अनुसन्धाताओं (शोधार्थियों) शिक्षकों और अध्येताओं की महाकवि भवभूति से सम्बद्ध शेष दिपधरत विपाशा शान्त करने के साथ ही अनेक दृष्टियों से परम महत्त्वपूर्ण, सहायक एवं उपयोगी सिद्ध होगी और अपने प्रकाशन के प्रयोजन को सफल सिद्ध करेगी। इति शम्