• विवाहपद्धति - Vivah Paddhati
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विवाहपद्धति - Vivah Paddhati

Publisher: Motilal Banarsidass
Language: Hindi & Sanskrit
Total Pages: 87
Available in: Paperback
Regular price Rs. 200.00 INR
Tax included.

Description

पृथ्वी में जिन्होंने मनुष्य शरीर पाया है, उनमें तीन वर्ण के पुरुषों को वेदविहित कर्म करने का अधिकार है। वेदविहित कर्म के सोलह संस्कार हैं, उनमें एक संस्कार विवाह है। मनु ऋषि ने आठ प्रकार के, 1. ब्राह्म, 2. दैव, 3. आर्ष, 4. प्राजापत्य, 5. असुर, 6. गान्धर्व, 7. राक्षस, 8. पिशाच, विवाहों का वर्णण करते हुए ब्राह्म विवाह को ही उत्तम कोटि का माना है।

वर्तमान में इस विवाह संस्कार की ही प्रधानाता रह गई है। अभी तक जितनी विवाह पद्धतियाँ लिखी गयी हैं, उनमें संस्कृत का हिन्दी अनुवाद न होने वे। कारण संकल्पादि की परिपाटी सर्वसाधारण कर्मकर्ताओं को समझने में कठिनाई होती थी।

इसी कठिनाई को दूर करने के उद्देश्य से लेखक ने रामदत्त संकलित विवाहपद्धति की संकल्प व कर्म की प्रक्रिया सहित विस्तारपूर्वक मंत्रार्थ और भावार्थ हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। जिससे आम जनमानस भी विवाह कर्म कराने में सहज महसूस करता है। प्रस्तुत पुस्तक से पाठक विवाहकर्म समझने में अवश्य ही सहज होंगे।

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A
Anil Kumar Pandey Kumar

No,

D
Dharmadhikari Yogesh

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j
jitendrapandey983

Good

A
Anonymous

excellent