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जैनधर्म में वर्षायोग- Jain Dharama Mein Varshayog (2011 Edition)

जैनधर्म में वर्षायोग- Jain Dharama Mein Varshayog (2011 Edition)

Publisher: Bharatiya Gyanpeeth
Language: Hindi & Sanskrit
Total Pages: 48
Available in: Paperback
Regular price Rs. 150.00
Unit price per
Tax included.

Description

जैनधर्म में वर्षायोग

वर्षायोग के बारे में शास्त्रों में अनेक स्थानों पर छिटपुट सामग्री उपलब्ध होती है परन्तु साधुओं के चातुर्मास की स्थापना एवं विसर्जन के बारे में तथा उसकी कालावधि के बारे में वर्तमान में शास्त्रोक्त कोई मौलिक आलेख या पुस्तक नहीं थी। अनेक बार साधु आपस में चर्चा करते देखे जाते हैं कि इस विषय में कोई आगमोक्त मौलिक पुस्तक होना चाहिए। इस सन्दर्भ में उपाध्याय प्रज्ञसागर जी महाराज ने बहुत ही सुन्दर, सुगम और सबके लिए समझने योग्य एक मौलिक पुस्तक की रचना की है, जो सबके लिए उपयोगी व महत्त्वपूर्ण है। इस कृति का मैंने आद्योपान्त अवलोकन किया जो कि शास्त्रोक्त है। इसमें मूलाचार, भगवती आराधना, अनगार धर्मामृत, आचारसार, चारित्रसार आदि आर्ष परम्परा के अनेक ग्रन्थों के सप्रमाण सन्दर्भसहित उल्लेखों के साथ प्राञ्जल भाषा में 'वर्षायोग' का वर्णन किया है। यह रचना पठनीय सामग्री से समृद्ध है। यह कृति प्रत्येक त्यागी वर्ग एवं चतुर्विध संघ के करकमलों में पहुँचे और सभी को इसका उत्तम लाभ मिले- ये हमारी मंगल भावना है।
- ऐलाचार्य श्रुतसागर मुनि