Description
ओजस्वी वक्ता विद्वान् मुनिराज श्री यशोभद्र विजय जी म० के द्वारा एक वर्ष पूर्व 'विजय वल्लभ मिशन' की स्थापना की गई। तब से इस संस्था ने प्रगति के कई सोपान तय किए हैं। हिन्दी में मुनि श्री के १६ ग्रन्थों के प्रकाशन के पश्चात् लोक रुचि को देखते हुए यह साहित्य गुजराती में भी प्रकाशित करने का कार्य प्रारम्भ हो चुका है।
इस ग्रन्थ में मुनि श्री ने समाज की वर्तमान अवदशा का सही चित्रण किया है। समाज सुधार के लिए यह पुस्तक अति उपयोगी सिद्ध होगी। यह पुस्तक महज एक पुस्तक नहीं, समाज-जागृति के लिए नूतन आयामों का स्रोत है।
'विजय वल्लभ मिशन' गुरुदेवों के आशीर्वाद, दानवीरों के सहयोग एवं कार्यकर्त्ताओं के सन्निष्ठ प्रयासों से साधर्मी सेवा तथा शिक्षा प्रसार के क्षेत्र में अग्रसर हो रही है।
साहित्यिक ग्रन्थों की श्रृंखला में समाजोद्धार की श्रद्धा एवं कल्पना के मिश्रण के साथ रचित यह ग्रन्थ.