Description
पुस्तक परिचय
आधुनिक संस्कृत के कवि लेखकों के हस्ताक्षर और साक्षात्कार का यह ग्रन्थ संस्कृत में अनूठा, सर्वप्रथम और अभूतपूर्व है। नवरसरुचिरा और अनन्यपरतन्त्रा कविवाणी ही सरस्वती है, अतः इन कवियों के हस्ताक्षर सरस्वती के ही वरद हस्ताक्षर है। यहाँ मूर्धन्य संस्कृत- सर्जक एवं विवेचकों से साक्षात्कार भी सम्मिलित है, जिससे वर्तमान समय में संस्कृत में चल रही प्रवृत्तियाँ, नयी विधाएँ, लेखन-विवेचन की दिशाएँ एवं सर्जकों की विकास-यात्रा, अन्य सर्जकों के बारे में उनके मैतव्य, नयी विधाओं के लक्षण इत्यादि बातों का अभ्यासियों को पता चलेगा।
इस तरह आधुनिक संस्कृत साहित्य में यह ग्रन्थ दीपस्तम्भ होगा, साथ में यहाँ सर्जकों की जन्मतिथियाँ और हस्ताक्षरों का मूल्यवान संग्रह भी है। भारतीय काव्य परम्परा में संस्कृत कविता व साहित्य के महत्त्वपूर्ण योगदान का यह मूल्यावान दस्तावेज अन्य भाषाओं के साहित्य-अभ्यासियों को भी सहायरूप होगा। इस दर्पण में आधुनिक संस्कृत का चेहरा आप भी देखिये।