Description
ज्योतिर्विद्या सम्बन्धी ऋषि महर्षि प्रणीति अनेक ग्रंथ संस्कृत भाषा में हैं। बहुत-से ज्योतिर्विद्या दिग्गज पंडितों ने उनका हिंदी अनुवाद किया है। कहीं-कहीं से उन्हीं का सहारा लेकर हिन्दी भाषा में ज्योतिर्विद्या पर ग्रंथ भी प्रकाशित हुए हैं। परन्तु उनकी भाषा या तो पंडिताऊ है या इतनी क्लिष्ट है और उनके लिखे जाने का ढंग इतना पेचीदा है कि जन साधारण उनको समझने में विफल रहते हैं। ज्योतिर्विद्या के वास्तिविक चमत्कार का महत्व हर किसी की समझ में नहीं आता, अतएव एक ऐसे ग्रंथ के संकलन की परमावश्यकता थी कि जिसकी भाषा सरल, सुबोध और सुगम हो और जिसके लिखने का ढंग ऐसा सीधा-सादा हो कि साधारण बुद्धिवाला मनुष्य ज्योतिर्विद्या के महत्व को सरलता से हृदयगम कर सके। इसी उद्देश्य को दृष्टि में रखकर मैंने इस ग्रंथ को संग्रह करने का प्रयास किया है। इस ग्रंथ के संकलन में जहाँ बहुत-से संस्कृत के प्रकाशित ग्रंथों का सहारा लिया गया है वहाँ ज्योतिर्विद्या सम्बन्धी कई अप्राप्य और अप्रकाशित हस्तलिखित संस्कृत ग्रंथों की सहायता भी ली गई है। इस ग्रंथ को सरल और सुबोध तथा उपादेय बनाने में ज्योतिर्विद्या के धुरन्धर पंडितों का साहाय्य प्राप्त करने में अतुल धनराशि और समय व्यय करना पड़ा है। ग्रंथ जितना महत्वपूर्ण है उसे उतना ही अधिक उपादेय बनाने की चेष्टा की गई है। यदि इस ग्रंथ के प्रकाशन से उपरोक्त उद्देश्य की कुछ भी पूर्ति हुई तो मैं अपने इस प्रयास को सफल समझेंगा।