Description
कान्यकुब्ज ब्राह्मण-बन्धुओं को विदित हो कि हमने विक्रमीय संवत् १५१७, संवत् १६२५, संवत् १७१५, संवत् १८३५ की हस्तलिखित वंशावलियों के साथ ही अयोध्यामण्डल के अन्तर्गत लखीमपुरखीरी निवासी ज्योतिर्विद् पं० नारायण प्रसाद मिश्र जी द्वारा लिखित वंशावली को देखकर एवं अध्ययन करके साथ ही अन्य अनेक वयोवृद्धजन के मुख से सुनकर अतिपरिश्रम से शुद्धतापूर्वक यह कान्यकुब्जवंशावली संकलित करने का प्रयास किया है, फिर भी जिन कान्यकुब्ज भाइयों का आस्पद, स्थान आदि लिखने से रह गया हो और उनको ज्ञान हो, तो कृपापूर्वक हमको सूचित करें, लेखन के दोष से अथवा छापने से जो भी कुछ भूल-चूक हो गयी हो, वह पुनरावृत्ति छापने के समय ठीक कर दी जायेगी। यदि इस वंशावली से हमारे भाइयों का कुछ भी उपकार होगा, तो हम अपना प्रयास पुरुषार्थ सार्थक समझेंगे।